जनकल्याणकारी नीतियों का जमीनी क्रियान्वयन हो : सभापति संदीप शर्मा
– संचित माथुर –
विधानसभा प्राक्कलन समिति द्वारा जयपुर नगर निगम और डीएलबी कार्यालय का निरीक्षण एवं परीक्षण बैठक
विधानसभा प्राक्कलन समिति द्वारा गुरुवार को विधानसभा भवन में स्वायत्त शासन विभाग की परीक्षण बैठक ली गई जिसे सम्बोधित करते हुए समिति के सभापति संदीप शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद से ही भजनलाल सरकार निरंतर विकसित राजस्थान बनाने की दिशा में कार्यरत है। साथ ही सरकार प्रदेशवासियों का जीवन सरल करने के लिए भी निरंतर जनकल्याण की नीतियां लागू कर रही है, इनका अधिक से अधिक लाभ जनता को मिले इसलिए इनका जमीन पर क्रियान्वयन होना आवश्यक है।

सभापति संदीप शर्मा ने विभाग के कामकाज का ब्यौरा लेते हुए विभिन्न योजनाओं में आवंटित बजट और उसके उपयोग की जानकारी ली, वहीं केन्द्र सरकार द्वारा संचालित अमृत 2.0 व अन्य योजनाओं की क्रियान्विति बहुत धीमी होने पर चिंता प्रकट की। उन्होंने कोटा सहित जयपुर, जोधपुर व अजमेर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रहे प्रोजेक्ट अधूरे होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए काम को शीघ्र पूरा करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जन की जीवन रक्षा के लिए बजट में घोषित डॉग शेल्टर बनाने का काम भी लंबित चल रहा है, सभी नगर निकायों में इसे प्राथमिकता पर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजकोष का पैसा जनता का पैसा है इसलिए इसका सदुपयोग हो, अपव्यय से बचा जाए और अधिक से अधिक लाभ आम जन को दिया जा सके, इसका प्रयास हमें करना है।
कोटा के मामले उठाते हुए उन्होंने कहा कि नगर निगम कोटा को हुडको से 320 करोड़ के ऋण के लिए राज्य सरकार की गारंटी दी जाए, वहीं अग्निशमन हेतु आवश्यक संसाधन तत्काल उपलब्ध करवाएं जाएं। इसके अलावा उन्होंने कोटा के सीवरेज गेप, पुरानी सीवर लाईनों का बदलने के कार्य के साथ ही कमाण्ड कंट्रोल सेंटर, कोटा व बूंदी रोड़ पर नवीन अग्निशमन केन्द्रों की स्थापना, ट्रैंचिंग ग्राउण्ड के धुएं से आम जन के साथ वन्य जीवों को हो रहे नुकसान, अमृत योजना 2.0 के कार्य शीघ्र स्वीकृत करवाने के लिए अधिकारियों केा निर्देशित किया।

बैठक में प्रदेश के नगर निकायों की कमजोर वित्तीय स्थिति, अतिक्रमण के कारण बाधित आवागमन, खराब सड़कों, नालियों और रोड़ लाईटों के साथ अवैध पार्किंग, पीएम आवास योजना में लापरवाही, इंदिरा रसोई योजना में फर्जीवाड़े और रिक्त पदों पर भी चर्चा हुई। समिति द्वारा भ्रष्टाचार व लापरवाही के मामलों पर सख्त कार्रवाई के साथ ही जन्म मृत्यु प्रमाण, विवाह प्रमाण पत्र सहित विक्रय प्रमाण पत्र, निर्माण स्वीकृति आदि की प्रक्रिया सरल करते हुए जनता के कामों का शीघ्र सम्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। वर्षा ऋतु के आगमन से पूर्व सभी नगर निकार्यों में नालों की सफाई पर भी चर्चा हुई।
बैठक के पश्चात उन्होंने समिति सदस्य विधायकों के साथ स्थानीय निकाय विभाग कार्यालय एवं जयपुर नगर निगम का निरीक्षण भी किया जहां उन्होंने प्रशासनिक और जनहित से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। समिति द्वारा राज्य के बजट अनुमानों की जांच एवं सरकारी व्यय में मितव्ययता, कार्यकुशला और प्रशासनिक सुधारों के साथ व्यय में फिजूलखर्ची पर भी विचार विमर्श किया गया।
इस दौरान सभापति संदीप शर्मा और सदस्य विधायकों ने नगर निगम कार्यालय में मौजूद आम जनता से सीधा संवाद किया। उन्होंने अटल सेवा केन्द्र, नागरिक सुविधा केन्द्र व अन्य सुविधाओं का जायजा लिया और लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और कार्यप्रणाली का फीडबैक लिया। नागरिकों ने मुख्य रूप से सफाई व्यवस्था, पट्टों के आवंटन में देरी और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाओं में हो रही समस्याओं से समिति को अवगत कराया।
समिति ने विभिन्न अनुभागों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनता के काम समय सीमा में पूरे हों, वहीं फाइलों को अटकाने और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। समिति ने निगम प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और आमजन को राहत देने के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर समिति सदस्य के रूप में शांति धारीवाल, विश्वराज सिंह मेवाड़, अर्जुन लाल, सुरेश मोदी, अमित चाचाण विधायकगण मौजूद रहे। वहीं डीएलबी डायरेक्टर रवि जैन, अतिरिक्त निदेशक सीमा कुमार, उपनिदेशक मुकेश कुमार, नगर निगम जयपुर आयुक्त ओ पी कसेरा आदि भी इस दौरान समिति के साथ रहे।

