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एम.सेण्ड इकाइयों के 109 प्लॉटों का डेलिनियेशन कर ऑक्शन की कार्ययोजना, राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर : टी. रविकान्त

– संचित माथुर –

जयपुर, 16 मई। राज्य में एम.सेण्ड इकाइयों की स्थापना के लिए प्लॉटों के डेलिनियेशन कर ऑक्शन की कार्ययोजना का अंतिम रुप दिया गया है। प्रमुख शासन सचिव खान एवं भूविज्ञान श्री टी. रविकान्त ने बताया है कि राज्य में एम. सेण्ड इकाइयों के लिए 109 प्लॉटों के डेलिनियेशन और ऑक्शन की कार्ययोजना बनाई गई है जिसमें से करीब 158 हैक्टेयर के 77 प्लॉट और अवरबर्डन डंपिंग के 131 हैक्टेयर के 32 प्लॉट तैयार कर ई नीलाम किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि बजरी के विकल्प के रुप में एम-सेण्ड की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 26 प्लॉटों की सफल नीलामी की जा चुकी है।

प्रमुख सचिव श्री टी. रविकान्त शुक्रवार को खनिज भवन में निदेशक श्री दीपक तंवर, जेएस आशु चौधरी के साथ विभागीय अधिकारियों की हाईब्रीड मोड पर बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि वैध खनन को बढ़ावा देकर ही अवैध खनन पर प्रभावी रोक संभव है इसलिए डेलिनियेशन के काम को गति देते हुए प्रधान और अप्रधान खनिजों के प्लॉट व ब्लॉक तैयार कर नीलामी में तेजी लानी होगी। राजस्व लक्ष्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा है और उसे हासिल करने के लिए हमें आय के नए स्रोत चिन्हित करने के साथ ही राजस्व छीजत को सख्ती से रोकना होगा। उन्होंने नई बकाया के साथ ही पुराने ओवरड्यूज की वसूली के लिए कारगर प्रयास करने की हिदायत दी।

निदेशक खान श्री दीपक तंवर ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही 22 मेजर मिनरल ब्लाकों की आक्शन प्रक्रिया आरंभ कर दी है। एम. सेण्ड, माइनर मिनरल प्लॉट, आरसीसी-ईआरसीसी के बकाया ठेकों की नीलामी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही मोनेटरिंग आरंभ कर दी है।

संयुक्त सचिव श्रीमती आषु चौधरी ने बकाया जांच प्रकरणों, विधानसभा प्रश्नों, विभिन्न स्तरों से प्राप्त प्रकरणोें और न्यायालयों के प्रकरणों मंे जिने जबावदावें प्रस्तुत नहीं हुए हैं उन्हें प्राथमिकता से प्रस्तुत करने को कहा।

अतिरिक्त निदेशक माइंस मुख्यालय श्री महेश माथुर ने बताया कि हरियालों राजस्थान अभियान में पौधारोपण की कार्ययोजना तैयार करली है। सभी एमई-एएमई को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।

एमओयू मोनेटरिंग सहप्रभारी श्री संजय सक्सैना ने बताया कि एमओयू को धरातल पर लाने के लिए राज्य सरकार गंभीर है। ऐसे में फील्ड अधिकारी अपने क्षेत्र के निवेशकों से समन्वय बनाते हुए कार्रवाई में तेजी लाएं।

बैठक में अतिरिक्त निदेशकों में जयपुर श्री एमपी मीणा, उदयपुर श्री महेश माथुर, जोधपुर श्री योगेन्द्र सिंह सहवाल, कोटा श्री अविनाश कुलदीप ने अपने अपने क्षेत्र की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान श्री आलोक प्रकाश जैन, श्री गोपालाराम व अधीक्षण खनि अभियंताओं ओैर अधीक्षण भूवैज्ञानिकों ने राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति व डेलिनियेशन के कार्य में तेजी लाने का विश्वास दिलाया। ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा एसजी सुनील वर्मा जेएलआर गजेन्द्र सिंह व एमई एएमई स्तर के अधिकारियों ने वर्चुअली हिस्सा लिया।

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