IIJS भारत प्रीमियर 2026: भारतीय ज्वेलरी उद्योग को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा रहा सबसे बड़ा मंच
मुंबई। देश के सबसे बड़े जेम्स एवं ज्वेलरी व्यापार मेले 42वें इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो (IIJS भारत प्रीमियर 2026) का भव्य शुभारंभ मुंबई में हुआ। इस अवसर पर जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के अध्यक्ष किरिट भंसाली ने कहा कि IIJS भारत प्रीमियर केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारतीय ज्वेलरी उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने वाला सबसे बड़ा व्यापारिक मंच बन चुका है।

उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले वित्तीय वर्ष में 27.72 बिलियन अमेरिकी डॉलर के रत्न एवं आभूषण निर्यात का आंकड़ा हासिल किया है। अब उद्योग का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात तक पहुंचना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, उद्योग और निर्यातकों के सामूहिक प्रयासों से यह लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा।
भंसाली ने कहा कि भारतीय ज्वेलरी की गुणवत्ता, डिज़ाइन, नवाचार और उत्कृष्ट कारीगरी की मांग दुनिया भर में लगातार बढ़ रही है। IIJS भारत प्रीमियर के माध्यम से भारतीय निर्माताओं और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है, जिससे नए व्यापारिक संबंध और निर्यात के अवसर बढ़ते हैं।
उन्होंने हाल ही में विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) में कच्चे हीरों की बिक्री पर 15 वर्षों के लिए कर छूट को उद्योग के लिए ऐतिहासिक निर्णय बताया। इसके साथ ही संसद में प्रस्तुत टैक्सेशन लॉज (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी उद्योग के विकास की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
किरिट भंसाली ने कहा कि भारत दशकों से दुनिया के अधिकांश हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग का केंद्र रहा है। अब समय आ गया है कि देश केवल प्रोसेसिंग तक सीमित न रहकर ब्रांडेड ज्वेलरी, डिज़ाइन, विनिर्माण और वैश्विक व्यापार में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष IIJS भारत प्रीमियर के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। पिछले ढाई दशकों में इस मंच ने भारत को वैश्विक ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब अगले 25 वर्षों में भारत को वैश्विक जेम्स एवं ज्वेलरी बिजनेस लीडर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

भंसाली ने कहा कि विभिन्न देशों के साथ हो रहे मुक्त व्यापार समझौते (FTA) भारतीय ज्वेलरी निर्यात को नई गति देंगे। इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान होगी और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि IIJS भारत प्रीमियर 2026 में आयोजित होने वाले Innov8 Talks उद्योग के भविष्य की दिशा तय करने वाले प्रमुख सत्र होंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), लैब-ग्रोन और प्राकृतिक हीरे, नई तकनीक, बहुमूल्य धातुएं, बदलते वैश्विक उपभोक्ता रुझान तथा जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग के भविष्य जैसे विषयों पर देश-विदेश के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
उन्होंने कहा कि IIJS भारत प्रीमियर आज केवल भारत का नहीं, बल्कि विश्व के सबसे प्रभावशाली जेम्स एवं ज्वेलरी व्यापारिक आयोजनों में शामिल हो चुका है और आने वाले वर्षों में यह भारत को वैश्विक ज्वेलरी व्यापार का सबसे मजबूत केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

