मोदी सरकार के 12 साल: 12 ऐतिहासिक फैसले जिन्होंने भारत की राजनीति और विकास की दिशा बदल दी : विक्रम सिंह शेखावत
मोदी सरकार के 12 साल में 12 ऐतिहासिक फैसले जिन्होंने भारत की राजनीति और विकास की दिशा बदल दी। यह कहना है भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और युवा नेता विक्रम सिंह शेखावत का। मत बहुमत के संचित माथुर से विशेष बातचीत के अंश :
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपने 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। वर्ष 2014 से शुरू हुई इस यात्रा में भारत ने शासन, विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक न्याय, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे हैं। इन 12 वर्षों में मोदी सरकार ने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए, जिन्होंने न केवल तत्कालीन परिस्थितियों को प्रभावित किया बल्कि देश की राजनीति और नीतिगत दिशा को भी स्थायी रूप से बदलने का काम किया। आइए उन 12 प्रमुख फैसलों पर विस्तार से नजर डालते हैं।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाना
5 अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। दशकों से लंबित इस मुद्दे पर फैसला लेते हुए सरकार ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण रूप से भारतीय संविधान की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया। यह निर्णय भारतीय राजनीति और राष्ट्रीय एकीकरण के संदर्भ में सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक माना जाता है।
तीन तलाक पर प्रतिबंध
मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए मोदी सरकार ने तीन तलाक की प्रथा को समाप्त करने के लिए कानून बनाया। इस निर्णय को महिला सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया।
वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करना
देश में विभिन्न प्रकार के अप्रत्यक्ष करों को समाप्त कर “एक राष्ट्र, एक कर” की अवधारणा के तहत जीएसटी लागू किया गया। इससे पूरे देश को एकीकृत कर व्यवस्था मिली और व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास हुआ।

नोटबंदी का फैसला
8 नवंबर 2016 को सरकार ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का फैसला लिया। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य काले धन, नकली मुद्रा और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करना था। यह स्वतंत्र भारत के सबसे चर्चित आर्थिक फैसलों में से एक रहा।
राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना
अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का सपना इसी कालखंड में साकार हुआ। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद केंद्र सरकार ने आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं और जनवरी 2024 में भव्य राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी आस्था से जुड़ा विषय था।
नागरिकों तक सीधे लाभ पहुंचाने के लिए डीबीटी व्यवस्था
मोदी सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), जनधन, आधार और मोबाइल (जेएएम) के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया। इससे पारदर्शिता बढ़ी और बिचौलियों की भूमिका कम हुई।
प्रधानमंत्री जनधन योजना
वित्तीय समावेशन की दिशा में शुरू की गई जनधन योजना ने करोड़ों गरीब और वंचित लोगों को पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा। यह दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय समावेशन अभियानों में शामिल है।
स्वच्छ भारत मिशन
महात्मा गांधी की स्वच्छता की कल्पना को जनआंदोलन का रूप देते हुए स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया गया। करोड़ों शौचालयों के निर्माण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता ने ग्रामीण और शहरी भारत दोनों में बड़ा बदलाव लाने का प्रयास किया।
आयुष्मान भारत योजना
गरीब और जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई। इसे दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गिना जाता है, जिसने लाखों परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत देने का प्रयास किया।
आत्मनिर्भर भारत अभियान
कोविड-19 महामारी के बाद आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया गया। इसका उद्देश्य भारत को विनिर्माण, तकनीक, रक्षा उत्पादन और स्थानीय उद्योगों के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाना था। इससे “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियान भी राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय हुए।
नई शिक्षा नीति 2020
करीब तीन दशक बाद देश को नई शिक्षा नीति मिली। इस नीति का उद्देश्य शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, कौशल आधारित और आधुनिक बनाना है। इसे भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक व्यापक सुधार के रूप में देखा जाता है।
डिजिटल इंडिया और यूपीआई क्रांति
डिजिटल इंडिया अभियान और यूपीआई आधारित भुगतान प्रणाली ने भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाई। आज छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यवसाय तक डिजिटल भुगतान का उपयोग कर रहे हैं। इससे पारदर्शिता, सुविधा और वित्तीय समावेशन को नई गति मिली है।
बदलती राजनीति का नया दौर : विक्रम सिंह शेखावत ने कहा कि इन 12 फैसलों ने भारतीय राजनीति की प्राथमिकताओं को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय सुरक्षा, सुशासन, डिजिटल तकनीक, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना विकास जैसे विषय राजनीति के केंद्र में आए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कई ऐसे निर्णय लिए जो लंबे समय तक सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बने रहे और जिन्होंने देश की नीति निर्माण प्रक्रिया पर गहरा प्रभाव डाला।
विक्रम सिंह शेखावत ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष केवल एक राजनीतिक कार्यकाल नहीं, बल्कि अनेक बड़े निर्णयों और सुधारों का कालखंड रहे हैं। अनुच्छेद 370 हटाने से लेकर डिजिटल इंडिया तक, राम मंदिर निर्माण से लेकर आयुष्मान भारत तक, जीएसटी से लेकर नई शिक्षा नीति तक—इन फैसलों ने भारत के विकास, शासन और राजनीतिक विमर्श को नई दिशा दी है। आने वाले वर्षों में इन निर्णयों का प्रभाव और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा तथा यह कालखंड भारतीय लोकतंत्र और विकास यात्रा के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।

