बड़े सपने देखो, कड़ी मेहनत करो और विनम्र बने रहो: 2026 के लिए अपना मंत्र साझा करती हैं पारख मदान

मुंबई। भाग्यलक्ष्मी, अनुपमा और कुर्बान हुआ जैसे लोकप्रिय शोज़ का हिस्सा रहीं अभिनेत्री पारख मदान को उम्मीद है कि 2026 उनके लिए एक बेहतरीन साल साबित होगा। अपने विचार साझा करते हुए वह कहती हैं, “मैं चाहती हूं कि 2026 अच्छा स्वास्थ्य, भरपूर प्यार, रचनात्मक रूप से संतोषजनक काम के मौके, मानसिक शांति और समृद्धि लेकर आए।”

वह आगे जोड़ती हैं, “इस साल के लिए मेरा मंत्र है—‘बड़े सपने देखो, कड़ी मेहनत करो और विनम्र बने रहो।’”

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सफलता, नाम, शोहरत और पैसा—इन सबको पारख एक पैकेज डील मानती हैं। वह कहती हैं, “मेरा पेशा अभिनय है और इस क्षेत्र में सफलता, नाम, शोहरत और पैसा सब एक साथ आते हैं। अपने 15 साल से ज़्यादा के अभिनय करियर में मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानती हूं कि मुझे ये सभी चीज़ें मिली हैं।”

वह आगे कहती हैं, “मुझे इंडस्ट्री के लोगों और दर्शकों से बहुत प्यार और सम्मान मिला है और आज भी मिल रहा है। लेकिन कहीं न कहीं मुझे लगता है कि मुझे अभी मेरा पूरा हक़ नहीं मिला है। यही वजह है कि दर्शकों से और अधिक पहचान और सराहना पाने की चाह मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहती है।”

इंडस्ट्री में कोई तय रूटीन न होने के बावजूद पारख मानती हैं कि सेहत को कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। वह कहती हैं, “यह बिल्कुल सही कहा गया है कि ‘स्वास्थ्य ही धन है।’ मैं इस बात पर पूरी तरह विश्वास करती हूं कि स्वस्थ रहना सिर्फ एक प्राथमिकता नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका होना चाहिए।”

वह आगे जोड़ती हैं, “स्वास्थ्य कोई मंज़िल नहीं, बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है। इसमें सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य भी शामिल है। खुशहाल और संतुलित जीवन के लिए ये सभी पहलू बराबर ज़रूरी हैं।”

अगर वह अपने छोटे रूप को कोई सलाह देना चाहें, तो वह कहती हैं कि क्लासिक बने रहें, लेकिन समय के साथ खुद को बदलना भी सीखें। पारख कहती हैं, “मैं हमेशा से थोड़ी ओल्ड-स्कूल रही हूं, लेकिन इसी वजह से मैंने अपनी निजी और प्रोफेशनल ज़िंदगी में कुछ बड़े मौक़े खो दिए। अगर मैं अपने छोटे रूप को सलाह दे सकूं, तो यही कहूंगी—ज़्यादा मौके लो, समय के साथ बदलो और सोशलाइज़िंग व नेटवर्किंग में खुद को बेहतर बनाओ।”

जो लोग उन्हें अपना आदर्श मानते हैं, उनके लिए पारख की सलाह है, “सबसे पहले तो मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहूंगी। जहां तक सलाह की बात है, तो मैं यही कहूंगी कि कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास ही मुझे आज यहां तक लाए हैं। असफलता या अस्वीकृति को दिल से मत लगाइए। उन्हें सीख के रूप में अपनाइए और अपने खेल को और बेहतर बनाने के लिए आगे बढ़ते रहिए।”

अपनी बात खत्म करते हुए पारख मदान कहती हैं कि मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच ही सफलता की असली कुंजी हैं।

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