परेश रावल की ‘द ताज स्टोरी’ हुई घोषित
परेश रावल की ‘द ताज स्टोरी’ हुई घोषित – “बौद्धिक आतंकवाद की गुलामी” के खिलाफ साहसिक कदम, 31 अक्टूबर 2025 को रिलीज़
मुंबई। स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले, निर्माताओं स्वर्णिम ग्लोबल सर्विसेज प्रा.लि. और सीए सुरेश झा ने ‘द ताज स्टोरी’ की आधिकारिक घोषणा कर जिज्ञासा और चर्चा की लहर पैदा कर दी है। घोषणा के साथ ही एक दमदार शॉर्ट टीज़र भी जारी किया गया है, जो फिल्म की आत्मा और सार को बखूबी दर्शाता है और दर्शकों को इसके साहसिक संदेश के प्रति उत्सुक बनाता है।

परेश रावल के साथ ज़ाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, स्नेहा वाघ और नमित दास जैसे सशक्त कलाकारों से सजी यह फिल्म, एक प्रभावशाली सामाजिक ड्रामा है, जो हमारे समय के सबसे उकसाने वाले सवालों में से एक को बेखौफ उठाती है और वो है “स्वतंत्रता के 79 साल बाद भी, क्या हम अब भी बौद्धिक आतंकवाद के गुलाम हैं?”
तुषार अमरीश गोयल द्वारा लिखित और निर्देशित, तथा विकास राधेश्याम द्वारा क्रिएटिव प्रोड्यूस की गई इस फिल्म में संगीतकार रोहित शर्मा हैं। ‘द ताज स्टोरी’ कोई साधारण पीरियड या ऐतिहासिक फिल्म नहीं, बल्कि एक सिनेमाई बहस है। इसके प्रमुख विषयों में से एक वह प्रश्न है, जिसने दशकों से बहस को जन्म दिया है कि आखिर ताज महल को वास्तव में किसने बनवाया? क्या यह शाहजहाँ थे, या फिर इतिहास में कोई और छिपा सच है?
फिल्म इस विवादित कथानक में उतरती है, जहाँ सामाजिक टिप्पणी और ऐतिहासिक तथ्यों की पुनः जांच का मेल है, जिससे यह न केवल विचारोत्तेजक बल्कि नाटकीय भी बन जाती है।
‘द ताज स्टोरी’ का भव्य देशव्यापी सिनेमाई प्रदर्शन 31 अक्टूबर 2025 को होगा, और यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक संवाद की शुरुआत बनने का वादा करती है, जो दर्शकों को सोचने, सवाल करने और शायद इतिहास व आज़ादी को नए नज़रिए से देखने के लिए प्रेरित करेगी।

