78वें सेना दिवस पर जयपुर में ऐतिहासिक शौर्य संध्या— 1947 से ऑपरेशन सिंदूर तक भारतीय सेना की युद्धगाथा और ताकत का भव्य प्रदर्शन, 1 हजार स्वदेशी ड्रोन ने दिखाई आधुनिक युद्ध नीति, सैन्य नवाचार और आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति की झलक, पहली बार जयपुर में सेना दिवस: राजस्थान बना सैन्य इतिहास का साक्षी— देश के पहली बार सैन्य छावनी के बाहर मनाया जा रहा है सेना दिवस

जयपुर। 78वें सेना दिवस के अवसर पर भारतीय थल सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान (सप्त शक्ति कमान) द्वारा सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर में आयोजित शौर्य संध्या में भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में वर्ष 1947 के भारत—पाक वार से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारतीय सेना द्वारा लड़े गए युद्धों और प्रमुख सैन्य अभियानों को नाट्य, दृश्य एवं तकनीकी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत रूप में दर्शाया गया।

इस अवसर पर दक्षिण पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि राजस्थान वीरता और शौर्य की भूमि है। इस भूमि ने महाराणा सांगा, महाराणा प्रताप, परमवीर चक्र विजेता पीरु सिंह, परमवीर चक्र विजेता शैतान सिंह जैसे पराक्रमी योद्धाओं को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर राजस्थान में पहली बार सेना दिवस का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस दौरान आॅनर कैंप, साइकिल रैली, मेगा मेडिकल कैंप, ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी जैसे गतिविधियां आयोजित की जा रही है।

लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को प्राथमिक दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इन्हीं नवीन तकनीकों की मदद से ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने दुश्मन देश पाकिस्तान को मात्र 88 घंटों में सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया।

1,000 स्वदेशी ड्रोन से सजी सैन्य नवाचार और आधुनिकीकरण की छवियां

शौर्य संध्या का प्रमुख आकर्षण एक हजार स्वदेशी ड्रोन से सजा भव्य ड्रोन शो रहा। आकाश में भगवान कृष्ण के रथ पर सवार अर्जुन, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, तिरंगा, सेना के प्रतीक चिन्हों के साथ-साथ भारतीय सेना की भैरव बटालियन, सेन्य नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की झलक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ड्रोन शो ने स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत—2047 की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

नाट्य प्रस्तुति व लघु फिल्म में दिखी ऑपरेशन सिंदूर तक की गौरवगाथा

कार्यक्रम में प्रदर्शित नाट्य प्रस्तुति और फिल्म में भारतीय सेना के 1947 से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक के गौरव, साहस और बलिदान की यात्रा को दर्शाया गया । इनमें कश्मीर में कबाइली हमलों से लेकर 1965 व 1971 के भारत पाक युद्ध, कारगिल युद्ध, प्रथम कश्मीर युद्ध, पुलवामा हमलें में पाक प्रायोजित आतंकवाद की क्रूरता और नापाक इरादे और इसके विरुद्ध हमारी सैन्य सर्जिकल स्ट्राइक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ऑपरेशन सुदर्शन चक्र जैसी विभिन्न सैन्य कार्रवाईयों में भारतीय सेना के अदम्य साहस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को देशभक्ति से भर दिया।

परंपरा और शक्ति का अद्भुत संगम

शौर्य संध्या में पारंपरिक भारतीय खेल कलाओं मलखंभ और कलारिपयट्टू का प्रदर्शन भी किया गया। इसके साथ ही पैरा मोटर्स की शत्रुजीत ब्रिगेड द्वारा किए गए रोमांचक हवाई प्रदर्शन ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया।

फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा ने आजाद भारत के प्रथम सेनाध्यक्ष का चार्ज 15 जनवरी, 1949 को लिया था। इसी की याद को चिरस्थायी बनाने और सेना के गौरव की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमारे वीर जवानों के साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान को नमन करने का प्रतीक है, जिन्होंने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की है।

जयपुर में पहली बार सेना दिवस का आयोजन

पहली बार सेना दिवस जयपुर में आयोजित किया जा रहा है। राज्य के लिए यह गौरवमयी क्षण है। इसके साथ ही देश में पहली बार सैन्य छावनी क्षेत्र के बाहर यह आयोजन हो रहा है। वर्ष 2022 तक नई दिल्ली छावनी क्षेत्र में सेना दिवस के आयोजन की परंपरा थी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर देशभर में आमजन को सेना के बलिदान और गौरव से जोड़ने के उद्देश्य से 2023 से सेना दिवस नई दिल्ली से बाहर मनाना शुरु हुआ। 2023 में बैंगलुरु, 2024 में लखनऊ और 2025 में पुणे में सेना दिवस मनाया गया लेकिन देश में पहली बार सेना दिवस, 2026 छावनी क्षेत्र से बाहर मनाया जा रहा है जिससे आमजन की भागीदारी अधिक से अधिक सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री नवीन जैन, शासन सचिव खेल एवं युवा मामले विभाग श्री नीरज के. पवन, जयपुर जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र सोनी सहित भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सैनिक, एनसीसी केडिट्स और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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